लोहड़ी 2026: पंजाब का अलाव महोत्सव
उत्तर भारत उत्सव · पंजाब, हरियाणा, हिमाचल

लोहड़ी 2026: पंजाब का अलाव महोत्सव

लोहड़ी उत्तर भारत — विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश — का एक प्रिय शीतकालीन फसल उत्सव है, जो हर साल 13 जनवरी को मनाया जाता है। परिवार और समुदाय बड़े अलाव के चारों ओर इकट्ठा होते हैं, लोक गीत गाते हैं और भांगड़ा-गिद्दा करते हैं। वर्ष 2026 में लोहड़ी मंगलवार, 13 जनवरी को है।

मंगलवार, 13 जनवरी 2026 · निश्चित सौर तिथि · सत्यापित क्षेत्रीय डेटा

लोहड़ी

सत्यापित क्षेत्रीय डेटा
📅

लोहड़ी 2026 तारीख

मंगलवार, 13 जनवरी 2026

🔥

अलाव जलाने का समय

सायंकाल — सूर्यास्त के बाद

🗓️

तारीख का नियम

सदा 13 जनवरी (सौर कैलेंडर)

🗺️

प्रमुख राज्य

पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, जम्मू

स्रोत: सत्यापित क्षेत्रीय डेटा · अंतिम समीक्षा: 2026-06-06
लोहड़ी को WhatsApp पर शेयर करें

लोहड़ी के बारे में

लोहड़ी शीतकालीन संक्रांति के अंत का प्रतीक है और मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर मनाई जाती है। रबी फसल कटाई का यह उत्सव किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है। नवविवाहितों और नवजात शिशुओं की पहली लोहड़ी का अत्यंत शुभ महत्व माना जाता है।

दुल्ला भट्टी की कहानी

लोहड़ी के लोकगीतों में सबसे प्रसिद्ध नाम है दुल्ला भट्टी — मुगलकाल का एक वास्तविक ऐतिहासिक नायक जो पंजाब का लोकनायक बन गया। दुल्ला भट्टी अकबर के शासनकाल में एक निडर डाकू था जो अमीरों से लूटकर गरीबों को देता था।

उसकी सबसे बड़ी पहचान यह थी कि उसने गरीब हिंदू लड़कियों को दास-व्यापारियों से बचाया और उनकी शादी कराई। प्रसिद्ध लोहड़ी गीत "सुंदर मुंदरिए" उसी की वीरता का गुणगान करता है।

लोहड़ी का नाम होलिका (होली की दानवी) या संत कबीर की पत्नी "लोई" से भी जोड़ा जाता है। लेकिन इस त्योहार का असली अर्थ है — समुदाय, फसल और सूर्य को धन्यवाद।

सांस्कृतिक महत्व

लोहड़ी तिल, मूंगफली और गन्ने की ताजी फसल से जुड़ी है — यही सामग्री अलाव में अर्पित की जाती है। नवजात शिशु और नवविवाहित की पहली लोहड़ी उर्वरता, गर्मजोशी और नए जीवन का उत्सव है।

लोहड़ी कैसे मनाएं

1

अलाव जलाएं

सूर्यास्त के बाद खुले स्थान में बड़ा अलाव जलाया जाता है। परिवार और पड़ोसी उसके चारों ओर इकट्ठा होते हैं।

2

अग्नि को अर्पण

तिल, गुड़, मूंगफली, मुरमुरे और पॉपकॉर्न अलाव में फेंके जाते हैं — यह अग्निदेव को अर्पण है।

3

परिक्रमा और गीत

अलाव के चारों ओर परिक्रमा करते हुए लोहड़ी के लोकगीत गाए जाते हैं।

4

भांगड़ा और गिद्दा

युवक भांगड़ा और युवतियां गिद्दा करते हैं — पंजाब के परंपरागत लोक नृत्य।

5

लोहड़ी प्रसाद बांटना

तिल चिक्की, मूंगफली चिक्की, रेवड़ी और मुरमुरे प्रसाद के रूप में बांटे जाते हैं।

लोहड़ी के व्यंजन

🥗

प्रसाद

  • तिल चिक्की
  • मूंगफली चिक्की
  • रेवड़ी
  • मुरमुरे
  • गजक
🚫

पारंपरिक भोजन

  • मक्की की रोटी
  • सरसों का साग
  • मक्खन
  • गुड़
  • लस्सी

ℹ️ व्यंजन और परंपराएं क्षेत्र के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोहड़ी 2026 मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को है। यह सदा 13 जनवरी को पड़ती है।

स्रोत विवरण

📚

डेटा स्रोत

निश्चित सौर कैलेंडर — सदा 13 जनवरी · सत्यापित क्षेत्रीय स्रोत

✏️

संपादकीय समीक्षा

6 जून 2026

🔍

सत्यापन स्थिति

सत्यापित क्षेत्रीय डेटा

📍

क्षेत्र / स्थान

पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली

संबंधित त्योहार