
दुर्गा पूजा 2026: बंगाल का महोत्सव
दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल का सबसे महत्वपूर्ण उत्सव है — पांच दिनों का भव्य आयोजन जिसमें देवी दुर्गा की पूजा, कलात्मक पंडाल और मिट्टी की मूर्तियां शामिल होती हैं। 2026 में यह अक्टूबर में अश्विन शुक्ल पक्ष में मनाई जाएगी।
अक्टूबर 2026 (अश्विन शुक्ल पक्ष) · सटीक तिथि अपडेट होगी · सत्यापित क्षेत्रीय डेटादुर्गा पूजा
✓ सत्यापित क्षेत्रीय डेटादुर्गा पूजा 2026
अक्टूबर 2026 (अश्विन शुक्ल षष्ठी से दशमी)
मुख्य दिन
महासप्तमी, महाष्टमी, महानवमी, विजयादशमी
विशेष परंपरा
पंडाल दर्शन — सामुदायिक मंडपों में भव्य मूर्तियां
क्षेत्र
पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, ओडिशा, असम
दुर्गा पूजा के बारे में
दुर्गा पूजा देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव है। बंगाल में यह सांस्कृतिक और कलात्मक महोत्सव है — कलाकार महीनों पहले से मिट्टी की मूर्तियां बनाते हैं, पंडाल सजाए जाते हैं और पूरे शहर में खुली हवा की प्रदर्शनी लगती है।
देवी दुर्गा की कथा
महिषासुर को ब्रह्मा जी से वरदान मिला था कि कोई पुरुष या देवता उसे नहीं मार सकता। इस शक्ति से उसने तीनों लोकों पर अधिकार जमा लिया। तब सभी देवताओं की शक्तियां मिलकर देवी दुर्गा के रूप में प्रकट हुईं।
नौ दिन के युद्ध के बाद दसवें दिन देवी ने महिषासुर का वध किया। यही विजयादशमी है।
बंगाल की परंपरा में दुर्गा को मायके लौटी बेटी भी माना जाता है। विजयादशमी पर प्रतिमा विसर्जन उनके कैलाश लौटने का प्रतीक है।
✦यूनेस्को विरासत
यूनेस्को ने 2021 में "कोलकाता की दुर्गा पूजा" को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया — विश्व के सबसे बड़े खुले कला उत्सवों में से एक।
दुर्गा पूजा के पांच दिन
महालया (पूर्व-उत्सव)
पाखवाड़े की शुरुआत महालया से होती है — भोर में महिषासुर मर्दिनी का पाठ सुना जाता है।
षष्ठी — बोधन
देवी का आह्वान (बोधन) और पूजा का आरंभ। शाम को दीप प्रज्वलन।
सप्तमी से नवमी
तीन मुख्य पूजा दिन। पंडाल भ्रमण, ढुनुची नृत्य, ढाक वादन।
सिंदूर खेला
विजयादशमी को सुहागन महिलाएं देवी को और एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं।
विजयादशमी — विसर्जन
भव्य जुलूस के साथ मूर्तियों का नदी में विसर्जन। "शुभो बिजोया" की शुभकामनाएं।
दुर्गा पूजा के व्यंजन
प्रसाद
- •खिचड़ी
- •लबड़ा (मिश्रित सब्जी)
- •पायेश
- •संदेश
- •नारू
पंडाल भोजन
- •काठी रोल
- •झाल मुरी
- •फुचका
- •कोषा मांगसो
- •बिरयानी
ℹ️ व्यंजन और परंपराएं क्षेत्र के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्रोत विवरण
डेटा स्रोत
हिंदू चंद्र सौर पंचांग — अश्विन शुक्ल पक्ष · सत्यापित क्षेत्रीय स्रोत
संपादकीय समीक्षा
6 जून 2026
सत्यापन स्थिति
सत्यापित क्षेत्रीय डेटा
क्षेत्र / स्थान
पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम, ओडिशा
