रथ यात्रा 2026: भगवान जगन्नाथ का रथ महोत्सव
हिंदू पर्व · पुरी, ओडिशा

रथ यात्रा 2026: भगवान जगन्नाथ का रथ महोत्सव

रथ यात्रा ओडिशा के पुरी में प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को मनाई जाती है — तीन विशाल रथों में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की यात्रा। 2026 में यह जून/जुलाई में अपेक्षित है।

जून/जुलाई 2026 (आषाढ़ शुक्ल द्वितीया) · सटीक तिथि अपडेट होगी · सत्यापित क्षेत्रीय डेटा

रथ यात्रा

सत्यापित क्षेत्रीय डेटा
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रथ यात्रा 2026

जून/जुलाई 2026 (आषाढ़ शुक्ल द्वितीया)

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स्थान

जगन्नाथ मंदिर, पुरी, ओडिशा

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अवधि

9 दिन (रथ यात्रा से बहुड़ा यात्रा तक)

🗺️

कहां

पूरे भारत और विश्वभर (इस्कॉन मंदिरों में)

स्रोत: सत्यापित क्षेत्रीय डेटा · अंतिम समीक्षा: 2026-06-06
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रथ यात्रा के बारे में

रथ यात्रा हिंदुओं के चार धामों में से एक पुरी में आयोजित होती है। हर साल तीन नए लकड़ी के रथ बनाए जाते हैं। जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक (लगभग 3 किमी) लाखों श्रद्धालु रथ खींचते हैं। 9 दिन बाद बहुड़ा यात्रा में देवता वापस लौटते हैं।

भगवान जगन्नाथ की कथा

राजा इंद्रद्युम्न की इच्छा से विश्वकर्मा ने भगवान की मूर्ति बनाना शुरू किया — शर्त यह थी कि काम पूरा होने तक कोई अंदर न आए।

रानी से धैर्य नहीं रहा और उन्होंने दरवाजा खोल दिया। विश्वकर्मा अधूरे काम को छोड़कर अंतर्धान हो गए। ब्रह्माजी ने बताया कि यही अपूर्ण रूप ही भगवान का दिव्य स्वरूप है।

इसीलिए भगवान जगन्नाथ की मूर्ति की बड़ी-बड़ी आंखें, चौड़ी मुस्कान और स्पष्ट हाथ नहीं हैं — हिंदू धर्म में किसी भी अन्य देवता से अलग।

सभी के लिए उत्सव

रथ यात्रा जाति की बाधाएं तोड़ती है — रथ के बाहर भगवान सभी के हैं। पुरी के राजा स्वयं सोने की झाड़ू से रथ के आगे का रास्ता साफ करते हैं।

रथ यात्रा की परंपराएं

1

रथ निर्माण

हर साल तीन नए लकड़ी के रथ बनाए जाते हैं — कोई कील नहीं, केवल लकड़ी के खूंटे।

2

स्नान पूर्णिमा

रथ यात्रा से लगभग दो सप्ताह पहले देवताओं को सार्वजनिक स्नान कराया जाता है।

3

नेत्रोत्सव

रथ यात्रा के एक दिन पहले देवताओं को नई पेंटिंग (नेत्रोत्सव) दी जाती है।

4

रथ यात्रा (मुख्य जुलूस)

लाखों श्रद्धालु रस्सियों से रथ खींचते हैं। पुरी का राजा सोने की झाड़ू से रास्ता साफ करता है।

5

बहुड़ा यात्रा (वापसी)

9 दिन बाद गुंडिचा मंदिर से वापसी की यात्रा। महालक्ष्मी मंदिर के सामने रथ रुकता है।

महाप्रसाद

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पवित्र महाप्रसाद

  • अबदहा (पवित्र चावल)
  • दाल
  • तरकारी (मिश्रित सब्जी)
  • खाजा (मिठाई)
  • पिठा
  • रसाबली

ℹ️ व्यंजन और परंपराएं क्षेत्र के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रथ यात्रा 2026 आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को है — जून/जुलाई 2026 में अपेक्षित। सटीक तिथि अपडेट होगी।

स्रोत विवरण

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डेटा स्रोत

हिंदू चंद्र सौर पंचांग — आषाढ़ शुक्ल द्वितीया · सत्यापित क्षेत्रीय स्रोत

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संपादकीय समीक्षा

6 जून 2026

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सत्यापन स्थिति

सत्यापित क्षेत्रीय डेटा

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क्षेत्र / स्थान

पुरी, ओडिशा (मुख्य) — पूरे भारत में

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