बोनालु 2026: तेलंगाना का महाकाली उत्सव
तेलंगाना उत्सव · दक्षिण भारत

बोनालु 2026: तेलंगाना का महाकाली उत्सव

बोनालु तेलंगाना का सबसे महत्वपूर्ण लोक उत्सव है, जिसमें महिलाएं देवी महाकाली को चावल से भरे मिट्टी के घड़े (बोनाम) सिर पर रखकर अर्पित करती हैं। 2026 में यह आषाढ़ माह (जून/जुलाई) में अपेक्षित है।

जून/जुलाई 2026 (आषाढ़ माह) · सटीक तिथि अपडेट होगी · सत्यापित क्षेत्रीय डेटा

बोनालु

सत्यापित क्षेत्रीय डेटा
📅

बोनालु 2026

जून/जुलाई 2026 (आषाढ़ माह)

🏺

मुख्य अर्पण

बोनाम — मिट्टी के घड़े में पके चावल

📆

अवधि

लगभग एक माह — हैदराबाद में दो रविवार

🗺️

क्षेत्र

तेलंगाना — हैदराबाद, सिकंदराबाद

स्रोत: सत्यापित क्षेत्रीय डेटा · अंतिम समीक्षा: 2026-06-06
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बोनालु के बारे में

बोनालु ("बोनाम" = भोजन अर्पण) एक धन्यवाद उत्सव है जिसमें महिलाएं देवी महाकाली से परिवार और समुदाय की रक्षा के लिए प्रार्थना करती हैं।

बोनालु की उत्पत्ति

19वीं सदी में हैदराबाद में एक गंभीर प्लेग महामारी के बाद देवी महाकाली का आह्वान किया गया। महामारी समाप्त होने के बाद से यह उत्सव परंपरा बन गया।

रंगम — उत्सव की एक अनूठी परंपरा — में "मतंगी" (देवी की भक्त) पर देवी का आवेश होता है और वह आने वाले वर्ष के बारे में भविष्यवाणियां करती हैं।

रंगम — भविष्यवाणी अनुष्ठान

रंगम में देवी महाकाली का आवेश होता है और भविष्यवाणियां की जाती हैं — वर्षा, फसल, समुदाय के बारे में।

बोनालु कैसे मनाएं

1

बोनाम तैयार करना

महिलाएं मिट्टी के घड़े में गुड़ के साथ चावल पकाती हैं। हल्दी, नीम और सिंदूर से सजाती हैं।

2

मंदिर जुलूस

महिलाएं सिर पर बोनाम रखकर देवी के मंदिर जाती हैं। ढोल-नगाड़े के साथ जुलूस।

3

पोतराजु

पुरुष देवी के भाई (पोतराजु) के वेश में जुलूस में नृत्य करते हैं।

बोनालु अर्पण और भोजन

🥗

बोनाम (मुख्य अर्पण)

  • गुड़ के साथ पके चावल (मिट्टी के घड़े में)

ℹ️ व्यंजन और परंपराएं क्षेत्र के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोनालु 2026 आषाढ़ माह (जून/जुलाई) में अपेक्षित है। सटीक तिथि अपडेट होगी।

स्रोत विवरण

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डेटा स्रोत

हिंदू चंद्र सौर पंचांग — आषाढ़ माह · सत्यापित क्षेत्रीय स्रोत

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संपादकीय समीक्षा

6 जून 2026

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सत्यापन स्थिति

सत्यापित क्षेत्रीय डेटा

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क्षेत्र / स्थान

तेलंगाना — हैदराबाद, सिकंदराबाद

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